इस ब्लॉग में आपको व्यक्तित्व विकास से रिलेटेड लेख मिलेंगे, किसी भीछूती बड़ी बात का आपके जीवन में क्या प्रभाव पड़ेगा मैं उस पर लिखता हूँ, मैं अपनेआप में छुपे हुए काबिलियत और हुनर को कैसे पहचाना जाए उस पर लिखता हूं,आप सभी को उन चीजों को समझाने के लिए लिखता हूँ जो आप रोज देखते है, मगर महसूस नहीं करते, मैं आम आदमी की सोच लिखता हूं,बहुत कुछ आपकी सोच... मेरे ब्लॉग पर आप सभी की प्रतिक्रियायों की प्रतीक्षा में - विकाश खेमका,
Monday, 30 January 2017
Friday, 20 January 2017
मंच स्थापना दिवस
सभी युवा साथियो को 20 जनवरी,मंच स्थापना दिवस की शुभकामनाये,
मेरी इस कविता के माध्यम से
आज का दिन एक प्रयास का दिन है,
आशाओं का दिन है, विश्वास का दिन है,
युवा शक्ति के संगठन का स्थापना दिवस
एक गर्व के अहसास का दिन है,
देश में 20 प्रान्तों ने हमारी सैकड़ो शाखाये
देश के कोने कोने में जगाती है ये आशाएं
कंही हम रक्त देकर किसी का जीवन बचाते है
कही कृत्रिम अंग लगा कर उनकी खुशियां लौटाते है,
कही आपातकाल में मंच की एम्बुलेंस सहारा है
ऑक्सीजन सेवा ने कितनो का जीवन सवारा है,
कन्या भ्रूण संरक्षण ने न जाने कितनी बेटिया बचाई है
कैंसर जांच से न जाने कितनी जिंदगियां बच पायी है,
गौ माता की सेवा को हमने धर्म माना है
पर्यावरण की सेवा को हमने कर्म मना है
हमने नारी चेतना का अहसास करवाया है
युवाओं की योग्यताओं का हमने विकाश करवाया है,
राष्ट्र की आपदा से हम हमेशा देश के साथ खड़े है,
राष्ट्र के हर विषम परिस्थितियों से हम लड़े है,
सैकड़ो अमृतधारा सदैव प्यारा बुझाने को तत्पर है,
युवा मंच एक समाज सेवा का अवसर है,
आज का दिन हर उस एक के लिए विशिष्ठ है
जिसमे मानवता की भावना है जो सच्चा मंचिष्ठ है,
युवा मंच की गतिविधियां राष्ट्र के उन्नति का हवन है
राष्ट्र की हर संमस्यायो का ये पतन है
देश के सभी युवा साथियो को मेरा नमन है,
मेरे हर युवा साथी के मन मे एक युवा भवन है,
मुस्कुराता हु तो वजह पूछ लेते है लोग
मैं उदास रहता हूं तो किसी को फ़िक्र नहीं होती,
मुस्कुराता हु तो वजह पूछ लेते है लोग...
ऊंचाइयां मिले तो बहुत ख़ास हो जाते है
बस गुमनामी में मुह मोड़ लेते है लोग...
जब दुख आया तो मंदिर में भीड़ उमड़ गयी
सुख में तो खुदा भी बदल लेते है लोग..
कोई सूरज सा चमके तो बहुत चुभता है आंखो में
वो कितना जला है ये भूल जाते है लोग..
मुफलिसी की फटी जेब से सिक्कों के साथ रिश्ते भी खो गए
बस अमीरी में ही ख़ास रिश्ता निभाते है लोग...
खूब खुसिया मिलती है किसी को अल्फाजो के पथ्थर मारकर,
खुद का घर भी तो शीशे का है भूल जाते है लोग....
दिन,सप्ताह,महीने और साल ने लोगो से ही सीखा है बदलना
बस मतलब निकाला की नहीं पल में बदल जाते है लोग,
बड़े हो गए है हम
किसने लिखा पता नही,
मगर आज व्हात्सप्प में ये कविता इंग्लिश में प्राप्त हुई, दिल को छुआ इसने तो इसको हिंदी में रूपांतरित कर आप सभी के पेश कर रहा हु
"लोगो का ध्यान खींचने के लिए जोरो से रोना " पहले
और "लोगो को पता न चले इसलिए छुप छुप के रोना" अब
और इन सब के बीच कही बड़े हो गए है हम,
" छोटी छोटी बात पर किसी से कट्टी हो जाना" पहले
और " छोटी छोटी बातों पर किसी को ब्लॉक कर देना" अब
और इन सब के बीच कही बड़े हो गये है हम
" 2 रूपये में 10 गुपचुप" पहले
और" 10 रूपये 2 गुपचुप "अब
और इन सब के बीच कंही बड़े हो गए है हम
" चलो ग्राउंड में खेलने चले" पहले
और " चलो ऑनलाइन आ जाओ" अब
और इन सब के बीच कही बड़े हो गए है हम
" कंही बाहर खाने की चाहत," पहले
और " घर का बना खाने की चाहत " अब
और इन सब केे बीच कही बड़े हो गए है हम
" ये सोचना की सब कुछ हैप्पी एंडिंग होगा" पहले
और " मान लेना की ऐसा ही होता है" अब
और इन सब के बीच बड़े हो गए है हम,
" अपनी बहन से एक्लेयर्स चॉकलेट छीन लेना" पहले और " अपनी बहन के के लिए साड़ी लाना" अब
और इन सब के बीच बड़े हो गए है हम
" बस 5 मिनतं और मम्मी" पहले
और " मोबाइल में स्नूज बटन दबा देना" अब
और इन सब के बीच बड़े हो गए है हम,
" टूटी पेन्सिल" पहले
"टूटे दिल"अब
और इन सब के बीच बड़े हो गए है हम,
" कुछ पाने के लिए जोर जोर से रोना " पहले
और " कुछ ना मिलने पर चुपचाप मन में रोना" अब
और इन सब के बीच बड़े हो गए है हम,
" हम हमेशा दोस्त रहेंगे कहना" पहले
और " ये जानना की कोई भी हमेसा एक सा नही रहता"अब
और इन सबके बीच बड़े हो गए है हम,
" मैं बड़ा बनाना चाहता हु" पहले
और " मैं फिर से बच्चा बनाना चाहता हु"अब
और इन सबके बीच बड़े हो गए है हम,
" चलो मिल कर प्लान करते है" पहले
और " चलो मिलने का प्लान करते है" अब
और इन सबके बीच बड़े हो गए है हम,
" जल्दी आना" पहले
और " हमेशा इंतेजार करूंगा" अब
और इन सबके बीच बड़े हो गए है हम,
" माता पिता हमारी हर इच्छा पूरी करते थे" पहले
और " हम माँ बाप के सपने पूरा करना" अब
और इन सबके बीच बड़े हो गए है हम,
" सुबह 6 बजे जागना" पहले
और "सुबह 6 बजे सोना " अब
और इन सब के बीच बड़े हो गए है हम,
और जब हम बड़े हो गए है तो धीरे धीरे ये समझ जाते है की हम बदल गए है,हमारी जिंदगी बदल गयी है
Thursday, 19 January 2017
मुझे अच्छा नहीं लगता
मुझे फ़िक्र मेरी ख़ुशी की नहीं की मेरे हालात कैसे है
बस तुम खुश नही रहते मुझे अच्छा नहीं लगता,
समेटे है कई गम तुमने इस मुस्कराहट के परदों में,
मगर मुझसे नहीं कहते हो मुझे अच्छा नहीं लगता,
मैं तुम्हारे पास आने के बहाने अक्सर ढूंढता रहता हूं
तुम्हारा दूर जाना यु मुझे अच्छा नहीं लगता,
मेरी चाहत ना भी हो दिल में तो नफरत ही कर लेना
यु अजनबी सा बन जाना मुझे अच्छा नहीं लगता,
जब तुम नहीं होते तो कुछ तनहा सा लगता है
तन्हाई का ये अलाम मुझे अच्छा नहीं लगता,
ये सच है कोई मर नहीं जाता किसी की चाहत में,
बिना जिंदगी के मगर जीवन मुझे अच्छा नहीं लगता,
कैसी है दुनिया,ये कैसे है लोग
मैं उदास रहता हूं तो किसी को फ़िक्र नहीं होती,
मुस्कुराता हु तो वजह पूछ लेते है लोग...
ऊंचाइयां मिले तो बहुत ख़ास हो जाते है
बस गुमनामी में मुह मोड़ लेते है लोग...
जब दुख आया तो मंदिर में भीड़ उमड़ गयी
सुख में तो खुदा भी बदल लेते है लोग..
कोई सूरज सा चमके तो बहुत चुभता है आंखो में
वो कितना जला है ये भूल जाते है लोग..
मुफलिसी की फटी जेब से सिक्कों के साथ रिश्ते भी खो गए
बस अमीरी में ही ख़ास रिश्ता निभाते है लोग...
खूब खुसिया मिलती है किसी को अल्फाजो के पथ्थर मारकर,
खुद का घर भी तो शीशे का है भूल जाते है लोग....
दिन,सप्ताह,महीने और साल ने लोगो से ही सीखा है बदलना
बस मतलब निकाला की नहीं पल में बदल जाते है लोग,
Saturday, 14 January 2017
क्या है खुशियां
खुशियां क्या है???
सालों बाद अपने किसी पुराने दोस्त से मिलना और ये महसूस करना की वो अभी भी वैसा ही है..ये है खुशियां!!!
अपने छोटे बच्चे को खेलते देख कर उसमें अपना बचपन ढूढना ,ये है खुशियां!!!
अपने पत्नी के साथ छोटी से नोक झोंक के बाद उनको मना लेना ये है खुशियां!!!
अपने दोस्तों से बेवजह मिल कर कुछ इधर उधर की बतला लेना ये है खुशियां !!!
अपने किसी पुराने क्रश की fb id में बार बार जा कर उसे निहार लेना ये है खुशियां...
अपने पुरानी यादो को फिर से सीने में उतार लेना ये है खुशियां.!!!!
जो मिला है उसको हस के एन्जॉय करना है खुशियां
जो ना मिला उस के लिए दिल को समझा लेना है खुशियां
किसी ख़ास के कंधे में रखकर दो आंसू बहा लेना है खुशियां,
किसी की ख़ुशी में उसके साथ मुस्कुरा लेना है खुशियां
कमी नहीं जिंदगी में उदासियों के वजहों को
फिर भी हर वजह को भुला देना है खुशियां!!!!!
खुशियां आप के आस पास हर दम है...
बस उसे पहचानने की नजर खुद में जगा लेना है खुशियां....
खुश रहिये...
कभी किसी वजह से...
कभी बिना वजह से...