इस ब्लॉग में आपको व्यक्तित्व विकास से रिलेटेड लेख मिलेंगे, किसी भीछूती बड़ी बात का आपके जीवन में क्या प्रभाव पड़ेगा मैं उस पर लिखता हूँ, मैं अपनेआप में छुपे हुए काबिलियत और हुनर को कैसे पहचाना जाए उस पर लिखता हूं,आप सभी को उन चीजों को समझाने के लिए लिखता हूँ जो आप रोज देखते है, मगर महसूस नहीं करते, मैं आम आदमी की सोच लिखता हूं,बहुत कुछ आपकी सोच... मेरे ब्लॉग पर आप सभी की प्रतिक्रियायों की प्रतीक्षा में - विकाश खेमका,
Sunday, 25 September 2022
ऑफलाइन जिंदगी
Wednesday, 29 June 2022
लाइफ मंत्रा: जिंदगी भाग्य(chance) से ज्यादा चुनाव(choice) है
Tuesday, 21 June 2022
लाइफ मंत्रा: किसी को पूर्ण रुप से गलत साबित करने से पहले उसका नजरिया भी जान लीजिए
Monday, 20 June 2022
लाइफ मंत्रा: बिज़नेस मंत्रा(cash is king)
लाइफ मंत्रा: जिंदगी आज कल(40+)
लाइफ मंत्रा: आपके ब्रेक आपकी गति का निर्णय करते है
लाइफ मंत्रा: शिकायत नही, नियामत गिनिये
वेल सेटल्ड: कुछ आधुनिक परिभाषाएं
ऑफलाइन जिंदगी
अपरिग्रह: सांसारिक जीवन मे सन्यासी होने का भाव
Saturday, 16 October 2021
मैं पैसा हूँ
Saturday, 14 December 2019
गुफ्तगू
Just Beautiful .......
With thanks a ton to original writer...
Its relex me a lot....
🌹 *गुफ़्तगू* 🌹
उसने कहा- बेवजह ही खुश हो क्यों?
मैंने कहा- हर वक्त दुखी भी क्यों रहूँ !
उसने कहा- जीवन में बहुत गम हैं,
मैंने कहा -गौर से देख,खुशियां भी कहाँ कम हैं।
उसने तंज़ किया - ज्यादा हँस मत, नज़र लग जाएगी,
मेरा ठहाका बोला- चिकना हूँ, फिसल जाएगी।
उसने कहा- नहीं होता,क्या तनाव कभी ?
जवाब दिया- मैंने ऐसा तो कहा नहीं!
उसकी हैरानी बोली- फिर भी यह हँसी?
मैंने कहा-डाल ली आदत,हर घड़ी मुसकुराने की!
फिर तंज़ किया-अच्छा!!बनावटी हँसी, इसीलिए
परेशानी दिखती नहीं।
मैंने कहा- अटूट विश्वास है, प्रभु मेरे साथ है,
फिर चिंता-परेशानी की,क्या औकात है।
कोई मुझसे "मैं दुखी हूँ" सुनने को बेताब था,
इसलिए प्रशनों का सिलसिला भी बेहिसाब था
पूछा - कभी तो छलकते होंगे आँसू ?
मैंने कहा-अपनी मुसकुराहटों से बाँध बना लेता हूँ,
अपनी हँसी कम पड़े तो कुछ और लोगों को
हँसा देता हूँ ,
कुछ बिखरी ज़िंदगियों में उम्मीदें जगा देताहूँ...
यह मेरी मुसकुराहटें दुआऐं हैं उन सबकी
जिन्हें मैंने तब बाँटा, जब मेरे पास भी कमी थी।
🌹
Thursday, 28 November 2019
लाइफ़ मंत्रा: कोई भी काम छोटा नही होता,बस एक बड़े काम की शुरुवात होती है
लाइफ मंत्रा: कोई काम छोटा नही होता ये सिर्फ एक बड़े काम की शुरुवात होती है
आज के भौतिक युग मे हम इतनी स्ट्रेस के साथ जी रहे है कि कुछ समय के लिए हम सभी मे डिप्रेसन आ जाता है,खासकर अपने व्यापार/नौकरी या प्रोफेसन के प्रति मन में एक नकारात्मक भाव उत्त्पन्न होता है कि जो हम कर रहे है,वो बहुत छोटा है,हम उसके लायक नही है,हम इससे कुछ बहुत ज्यादा अच्छा और बड़ा डिज़र्व करते थे,लेकिन पेट की भूख ने हमे एक छोटे काम करने के लिए मजबूर किया और हम ये काम कर रहे है,
जबकि सच बिल्कुल इसके उलट है, हम सबके साथ एक समस्या है कि हम अपने आप को मोटीवेट करने के लिए अक्सर किताबे पढ़ते है,इंटरनेट में सक्सेस लिटरेचर सर्च करते है,बड़े बड़े मोटिवेशनल सेमिनार अटेंड करते है, लेकिन इस मोटिटिवेसन के उन लाइव सोर्सेस को भूल जाते है जो हमारे आस पास ही है,जिन्हें हम रोज देखते है,मिलते है,उनके बारे में बाते करते है, लेकिन उनसे सींखते नही, ऐसे ही अपना काम को छोटा न समझ कर उसमें बड़ा नाम बनाने वाले दो लाइव उदारहण आपके सामने रख रहा हूं,इस बात को समझने के लिए आपको कंही दूर जाने की आवश्यक्ता नही है, मैं काटाबाजी में ही आपको ऐसे उदाहरण पेश कर रहा हु जिन्होंने की इस तथाकथित छोटे काम मे अपना बड़ा नाम,अपना बढ़िया कैरियर,और एक अच्छी इज्जत कमाई है,
पहला उदाहरण मेरे मित्र आनंद पंजवानी का है,एक छोटी सी पान दुकान से लेकर "गोवर्धन पान" के ब्रांड तक के उसके सफर को मैंने बहुत करीब से एक एक स्टेप चढ़ते देखा है,आम मानसिकता है कि पान दुकान एक छोटा सा व्यवसाय है लेकिन जब आप एक काम को अपने दिल से करते हो,उसमे खुशी महसूस करते हो,तो आप को आगे बढ़ने से कोई नही रोक सकता, ऐसा ही एक और उदाहरण एस कुमार हेयर सलून है,अधिकतर लोगों की मानसिकता ये है कि सलून एक बहुत ही छोटा काम है,लेकिन इस मिथक को भी इनकी मेहनत और लगन ने तोड़ा है,आज एस कुमार सलून भी एक ब्रांड है और लोग दूर दूर से इसके लिए एडवांस में बुकिंग करते है,एक छोटी से सलून को एक बड़ा हेयर स्टाइलिस्ट ब्राड बनते हुए देखना वाकई सुखद अनुभव है,
इनकी सफलता की वजह है कि इन्होंने अपने काम को कभी छोटा नही समझा,अपने काम को एन्जॉय किया,अपने काम करने में कोई झिझक नही दिखाई, उस पर नए नय प्रयोग किये,हमेशा अपने आप को बेहतर बनाने की कोशिश की, हर सफलता को एक समय लगता है, इनकी सफलता को भी लगा लेकिन इन्होंने धैर्य बनाये रखा और तब तक बनाये रखा जब तक कि उनका काम एक ब्रांड नही बन गया,आज अपने इस तथाकथित छोटे काम की बदौलत इनके पास एक अच्छी आय का साधन,सोशल स्टेटस,और वो सब कुछ है जो कि एक आदमी अपने प्रोफेशन/व्यापार/नौकरी से चाहता है,
अधिकतर असफल लोगों को उनके काम को लेकर शिकायत होती है कि उन्हें एक छोटा काम मिला है और वे इसे एक हीनभावना से ग्रस्त होकर बुझे हुए दिल से सिर्फ रोजीरोटी कमाने के लिए करते है,वो मजबूरी में काम करते है,और मजबूरी में किये गए काम आप पर बोझ बनते है,जो अपने काम से प्यार नही करते उनका काम भी उनसे प्यार नही करता,आज जो लोग इनकी सफलता को सिर्फ इनकी किस्मत कहते है तो उनको अपना सही आकलन करने की आवश्यकता है,जब तक आप अपना काम शर्म और झिझक के बंधन में बंध के करेंगे तो आप उसमे कभी आगे नही बढेंगे,उत्साह से किया गया काम अच्छा रिजल्ट लाता है और इसका उल्टा भी इतना ही सही है,
आज भी लोग पोस्ट ग्रेजुएट कर के 10000 रूपये महीने की नौकरी कर रहे है क्योंकि ये उन्हें व्हाइट कालर जॉब या सोसिअल स्टेटस वाला काम लगता है,जबकि एक छोटा सा नास्ता ठेले वाला आराम से रोज 1000 रुपये कमा कर सोता है,मोदी जी जब कहते है कि पकोड़े तलना भी एक व्यवसाय है तो लोग इस बात का मजाक उड़ाते है कि क्या एक पढ़ा लिखा आदमी पकोड़ा कैसे तल सकता है?? हर काम को छोटा या बड़ा सोसल स्टेटस देने की ये मानसिकता असफल लोगो के अपनी असफलता झुपाने के बहाने है,सच तो ये है कि जो काम दिल से किया जाए कभी छोटा नही होता,
कोई आदमी सीधे बड़ा होंकर पैदा नही होता,आदमी पहले शिशु के रूप में पैदा होता है फिर धीरे धीरे बाद होता है,हजारो किलोमीटर की यात्रा भी एक छोटे से कदम से ही प्रारंभ होती है,और कंही भी पहुचने के लिए पहले घर से निकलना पड़ता है, एक कदम बढ़ाना पड़ता है, स्टार्ट अप लेना पड़ता है,आप जो भी काम करे दिल से करे,चाहे आप नौकरी करते हो, कोई प्रोफेसनल हो,या छोटे सी दुकान के मालिक,अपने काम को समर्पित ढंग से करे,छोटी चीजे ही आगे चल कर बड़ी होती है,बस अपने काम मे लगे रहिए,
कोई काम छोटा नही होता ये बस एक बड़े काम की शुरुवात होता है,
घने कोहरे ने एक बात बहुत अच्छी सिखाई है
चलते रहो, रास्ता खुद ब खुद दिखता जाएगा
Sunday, 24 November 2019
लाइफ मंत्रा: आपकी जिंदगी आपका फैसला
लाइफ मंत्रा: जिंदगी आपकी फैसला आपका
इस आर्टिकल के साथ एक लिंक पोस्ट कर रहा हु जिसमे एक वीडियो है कि कैसे एक कुत्ते को मिल्ट्री में सेवा देने एवं अहम भूमिका निभाते के लिये पूरे मिलिट्री के कायदे कानून और सम्मान के साथ रिटायरमेंट दिया गया,इस लिंक पर आप ये वीडियो देख सकते है
https://www.facebook.com/theindianfeed/videos/2553873151370897/
छोटा सा वीडियो है लेकिन संदेश बड़ा है,साथ मे कैप्शन भी है कि "born as a dog retire as आ militryman" काफी कुछ सिखाता है ये वीडियो,और सकारत्मक सोचेंगे तो बहुत प्रेरित करता है कि कई चीजें आपके कंट्रोल में नही है जिसे भाग्य कहा जाता है जैसे कि ये बात बहुत आप क्या थे,कहा पैदा हुए थे,क्या करते थे लेकिन ये बात आप पर निर्भर है कि आप क्या बनना चाहते है ,आपकी आगे की लाइफ कैसे होगी, आप गरीब पैदा हुए ये आपका भाग्य है आप गरीब मरे तो आपकी नाकामयाबी,
हर किसी की जिंदगी में कुछ न कुछ कमी है और कमी है इस लिए तो जिंदगी है हकीकत है पूरे होते तो ख्वाब न होते, अधिकतर लोग इन कमियों के बहाने की आड़ में अपनी असफलता छुपाने की कोशिश करते है,हर कोई जितनी मेहनत अपनी असफलता की किताब पर बहाने का कवर लगाने में जितनी मेहनत करता है उतनी ही हिम्मत अगर उसको स्वीकार कर उसको बदलने में लगा दे तो यकीन मानिए इस किताब की स्क्रिप्ट बदल सकती है,लेकिन बहाने बना लेना बहुत आसान है और आज काल मुश्किल काम भला कौन करता है,
आप क्या थे,ये आपका अतीत है इसे आप नही बदल सकते, लेकिन आप क्या होंगे जो कि आपका भविष्य है ये जरूर निर्णय कर सकते है,बस जो नही मिला उसकी शिकायत छोड़ कर जो है उसका सदुपयोग करना सीखिए,
अगर किस्मत ने आपको "राहुल " दिया है तो उसे गांधी बनाकर अपना मजाक मत उडाईये,बल्कि द्रविड़ बनाकर डटे रहिए,किसमत से पत्थर मीले तो उससे अपना सर मत फ़ोडिये बल्कि उससे रास्ते की सीढी बनाइये,
एक कचरे का ढेर भी कुछ देर में अपनी जगह बदल लेता है आप तो इंसान है एक मौका आपकी औकात,हालात,पहचान सब कुछ बदल सकता है सिर्फ उसे पहचानिए उसे सार्थक किये उसे व्यवहार कीजिये,
जब एक जानवर कुत्ते के रूप में पैदा होकर एक सैनिक सम्मान पा सकता है तो आप तो उससे कंही बेहतर है,बस कोशिश करते रहिए,अब भी आप अपनी असफलता को सिर्फ किस्मत का दोष कहते है तो याद रखिये भगवान को आपसे कोई पर्सनली दुश्मनी तो है नही जो आप के साथ हमेशा खेलता रहेगा बस आप अपनी कोशिश जारी रखिये धैर्य राखिये क्योकि कभी कभी गुच्छे की आखरी चाबी भी ताला खोल देते है और सफलता के लाकर में मेहनत और किस्मत नाम की दो चाबियां लगती है जिसमे से एक आपके हाथ है और एक भगवान के आप,अपनी चाबी तो लगाते रहिए,
मेरे दोस्त,every dog has a day, क्या पता आपका दिन कब आ जाये
Keep trying,
आप कल क्या होंगे???ये आप का आज decide करता है !!
Wednesday, 20 November 2019
लोग है!!
तू अपनी खूबियां ढूंढ,
कमियां निकालने के लिए
*लोग हैं|*
अगर रखना ही है कदम तो आगे रख,
पीछे खींचने के लिए
*लोग हैं|*
सपने देखने ही है तो ऊंचे देख,
निचा दिखाने के लिए
*लोग हैं|*
अपने अंदर जुनून की चिंगारी भड़का,
जलने के लिए
*लोग हैं|*
अगर बनानी है तो यादें बना,
बातें बनाने के लिए
*लोग हैं|*
प्यार करना है तो खुद से कर,
दुश्मनी करने के लिए
*लोग है|*
रहना है तो बच्चा बनकर रह,
समझदार बनाने के लिए
*लोग है|*
भरोसा रखना है तो खुद पर रख,
शक करने के लिए
*लोग हैं|*
तू बस सवार ले खुद को,
आईना दिखाने के लिए
*लोग हैं|*
खुद की अलग पहचान बना,
भीड़ में चलने के लिए
*लोग है|*
तू कुछ करके दिखा दुनिया को,
तालियां बजाने के लिए
*लोग है
Monday, 21 October 2019
कुछ सच
वही सीमेंट, वही रेत, उसी पानी से तैयार हो गई,
जिससे पुल बना करते थे उसी से आज खड़ी दिवार हो गई,
बीमार माँ को घर पर छोड़ आया वो अकेला,
माताँ रानी के मंदिर के सामने कतार हो गयी,
भूख से तड़पता वो बच्चा कब का मर गया,
उसकी तस्वीर आज कल रौनक-ए-अख़बार हो गई,
उसके सिगरेट के धुएं ने न जाने कितनों को मारा होगा,
उसके मालिक ने केन्सर हॉस्पिटल बनाया तो जय जयकार हो गई,
बड़े शौक से उसने पंडित जिमाये श्राद्ध में बहुत
उसके माँ बाप की जिंदगी वृद्धाश्रम में खाकसार हो गई,
आज उनके बच्चो को कान्वेंट स्कूल में देखता हूं
जिनके जिहाद के कारण जन्नत आज उजड़ा बाजार हो गई,
खबर सुनी की एक कन्या भ्रूण को फिर से कुत्ता चबा गया,
दोष कुत्ते का नहीं ये तो इंसानियत शर्मशार हो गयी,
कभी जात पात कभी नोंट, कभी अपनी सुविधा को देख कर वोट दिया जिन्होंने,
आज वही कहते की राजनीति आजकल बेकार हो गई,
कोई बात नहीं एक और सुकून ए जिंदगी मांगेंगे खुदा से
ये जिंदगी तो आपसी झगड़ो में ही बलिहार हो गई,
Sunday, 20 October 2019
कैमरा कंही देखो तो मुस्करा दिया करो
सभी कुर्सीप्रेमी/बुकेप्रेमी/शालप्रेमी/पदप्रेमी/सम्मानप्रेमी स्वजनों को खेद सहित समर्पित
कैमरा अगर देखो तो मुस्करा दिया करो,
बार बार अपने अहसान गिना दिया करो,
बहूत छोटी है याददाश्त लोगो की यहाँ,
खुद को लगातार अखबारों में छपा लिया करो,
आखिर तुमने खर्चे है पैसे इन कुर्सियों के लिए,
अपना हक भी इन पर जता दिया करो,
चर्चा में रहना बहुत जरूरी है आजकल,
चाहे इसके लिए खुद का घर जला लिया करो,
क्या करोगए इतने दोस्त और रहनुमा बनाकर,
बुराई हर किसी की उसके मुंह पर बता दिया करो,
कदर बढ़ती है इसलिए कुछ नाराजगी पालो करो,
हर छोटी मोटी बात पर चेहरे बना लिया करो,
ये परवाह मत करो की कबीले का क्या होगा,
कोई नाराज हो चाहे अपना कद कबिले में तुम बढा लिया करो,
खुद का अहम पूरा हो ये बहुत जरूरी है
चाहे इसके लिए संगठन को झुका लिया करो,
लोग तुम्हे नजर उठा कर देखे ये बरकरार रहे,
चाहे इसके लिए खुद को अपनी नजरो से गिरा लिया करो,
कैमरा कभी देखो तो मुस्करा लिया करो
कैमरा कभी देखो तो मुस्कुरा लिया करो
धन्यवाद
Monday, 24 June 2019
लाइफ मंत्रा: धर्म सिर्फ आध्यत्म ही नही प्रेरणा की भी विषयवस्तु है,
लाइफ मंत्रा: धर्म सिर्फ आध्यत्म की ही नही प्रेरणा की भी विषयवस्तु है
आज कल सोशल मीडिया में मोटिवशनल स्पीकेरो की भीड़ है,हर दूसरी या चौथी पोस्ट एक मोटिवेसनल वीडियो,या कोई प्ररेणादायक कविता,या कोई फ़ोटो है,ये सब फ़ोटो वीडियो और कोटेसन बहुत पसंद भी किये जाते है क्योंकि आज कल हर कोई एक निराशा के दौर से गुजर रहा है,बढ़ते भौतिकतावाद के दबाव के कारण हमने अपने आप को और अपने जीवन शैली को बहुत जटिल कर लिया है,और इसलिए हर दूसरा आदमी डिप्रेसन से ग्रस्त है और ये सभी मोटिवेसन इस डिप्रेसन से बाहर आने के लिए वक्ती तौर पर काफी सहायता करते है,हम ये सब वीडियो देखकर खुद को हौसला देते है और काफी रिलेक्स फील करते है,लेकिन क्या कभी सोचा है कि दुनिया का सबसे पहला मोटिवेशनल लेक्चर कौन सा था??,दुनिया का सबसे पहला सक्सेस लिटरेचर कौन सा था,??इस सवाल का जवाब आपको गर्व महसूस कराणे के साथ साथ आप का मोटिवेसन के प्रति नजरिया भी बदल देगा,
आपका सोचना सही है ,विश्व का सबसे पहला। सक्सेस लिटरेचर *श्रीमद भगवत गीता* है,लेकीन कभी हमारा इस और ध्यान ही नही गया,असल मे आज कल हम पश्चिमी शिक्षा पद्धति"मैकाल सिस्टम" का अनुसरण कर रहे है जिसमें भारतीय संस्कृति एवं धार्मिंक मान्यताओं की जगह नगण्य है,यहा सनातन धार्मिक ग्रंथो को सिर्फ आध्यत्म का विषय बनाया गया है,जबकि असल मे ये धार्मिक ग्रन्थ एक आदर्श जीवन शैली के लिए प्रेरित करते है,हमारा सनातन साहित्य ऐसा है कि हर समस्या का समाधान इसमे है,हर प्रकार की विधाओं के भविष्य के लिए कल्पना शक्ति है,हर तरह के विज्ञान के सूत्र है,लेकिन ये विडंबना है हमारी गलत शिक्षा प्रणाली के कारण हमारे ग्रन्थ एवं उपनिषद हमे सिर्फ कोरी कल्पना मात्र लगते है जबकि विश्व के लगभग सभी प्रसिद्ध आविष्कार किं कल्पना हमारे ग्रन्थों ने हजारो वर्ष पूर्व ही कर ली थी जब कि बाकी सभी संस्कृतियां अभी अपने शैशव काल मे ही थी,
इस बात को कुछ उदाहरण दे कर आप के समक्ष रखना चाहूंगा,भारतीय संस्कृति में भगवान के दशावतारों को हम काल्पनिक एवं कोरी गप्प बताते है जबकि अगर इस पर ध्यान दे तो आप पाएंगे कि यही थ्योर्री डार्विन के क्रमिक वंशवाद के विकास की थ्योरी की नींव है,की कैसे मानव सभ्यता का पानी से आविष्कार हुआ और क्रमशः विकाश होता हुआ कलयुग(कल मतलब मशीन युग) मे आया,
रामायण काल मे पुष्पक विमान की कल्पना आज के जम्बो बोइंग जेट की नींव है,इसे हमने कहानी बताया लेकिन विदेशियों ने इससे प्रेरणा ली,समुद्र पार पत्त्थर के सेतु आज हर बड़ी परियोजना की नींव है,
महाभारत काल मे जब कुरुक्षेत्र के युद्ध का विवरण जब संजय हस्तिनापुर में बैठकर अन्धे धृतराष्ट्र को सूनाते है तो यही आज के लाइव टेलिकास्ट के लिए प्रेरणा है,मगर हम इसे सिर्फ काल्पनिकता के लिहाज से लेते है,
आगे चलकर महाकवि कालिदास ने महाकाव्य मेघदूत लिखा जिसमे एक प्रेमी अपनी प्रेमिका को बादलो में अपना संदेश लिख कर भेजता है और हम इसे पढ़कर अपने पूर्वज कवियो की कल्पना का मजाक उड़ाते है जबकि इसी तकनीक को गंभीरता से ले कर अगर हम प्रेरित हुए होते तो आज व्हाट्सएप्प,फेसबुक,क्लाउड टेक्निक सब भारत की देन होता,लेकिन हम पर पश्चिमी करण इतना हावी है कि आज कल समस्याओ में हमे सुपर मैन और स्पाइडर मैन याद आते है हनु मैन(मान) नही,
ये बात सत्य है कि हमने अपने धर्मगनाथो को सिर्फ आध्यत्मिक दृष्टि से पढ़ा है कभी प्रेरणात्मक दृष्टि से नही पढ़ा है,कभी हनुमान चालिशा को पढ़ कर संमझ कर देखिये,हमें शास्त्रों में संकट में हनुमान चालीसा पढ़ने को कहा गया है तो इसलिए नही की किसी भी संकट में हनुमान जी आकार हामारे संकट दूर करेगे,बल्कि इसलिए कहा गया है कि हनुमान चालिसा से प्रभावित होकर हम स्वयं ये याद करेंगे कि किनसे संकट के समय हनुमान जी ने अपनी बिसरी हुई शक्ति को एकत्रित किया और फिर अपनी स्वयं की शक्ति से सौ योजन का समुद्र लांध गए,ये है प्रेरणा,
रामचरित मानस में जो श्रींराम का चरित्र है आदर्श है,इससे सिर्फ रामभक्ति नाहींश्री राम के आदर्शो को सीखिये की कैसे जंगलो में 14 वर्ष तकलीफ पाने के बाद ही प्रभु श्री राम *मर्यादा पुरूषोत्तम श्री राम* हुए,श्री राम से धैर्य सीखिये की विपत्ति में कैसे धैर्य रखा जाता है,
महाभारत काल मे श्री कृष्ण का चरित्र तो भारतीय संस्कृति की अतुलनीय चरित्र है जो बांसुरी भी बजाता है और सुदर्शन चक्र भी चलाता है,श्री कृष्ण का चरित्र किशोरवस्था में पवित्र प्रेम सिखाता है तो महाभारत के युद्ध मे गीता का ज्ञान देता है,
भारतीय ग्रंथ एवं धर्म ग्रहणीय एवं पठनीय है इसलिए नही किए सभी धार्मिक मान्यताओं से जुड़े है बल्कि इसलिए पठनीय है क्योंकि ये दैन्यदिनी जीवन के हर क्षेत्र में हमारे लिए प्रेरणात्मक है
आपके आम जीवन के हर समस्या का हल हमारे पुराणों मे धर्म मे है बस इसे एक बार ठीक से पढ़ने की और समझने की आवश्यकता है,हमारा धर्म और संस्कृति सिर्फ आध्यात्मिक ही नही बल्कि वैज्ञानिक और तार्किक भी है,इस बात को जिस दिन हम समझकर अपने धर्म को सिर्फ कोरी कल्पना न समझ कर एक प्रेरणादायक ग्रंथ के रूप में लेंगे उस दिन हमारी शिक्षा का स्तर सही मायने में बढ़ जाएगा,अपनी सोच का दायरा बढाइये,अपने धर्मग्रन्थो की और वापस आईये,
क्योकि
कमजोर हो नीव तो किला ध्वस्त हो जाता है,
गलत हो दिशाएं तो हौसला पस्त हो जाता है,
जरा बच कर रहिये पश्चिमी सभ्यता से
सूरज पश्चित में जाकर अस्त हो जाता है,
धन्यवाद
विकाश खेमका